मंदिर का इतिहास वर्ष 1920 से भी पहले का है। बताते हैं कि वृंदावन के संत स्वामी स्वयंपाकी महाराज ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। उस समय चारों ओर घने वन ही थे। मंदिर के पास ही कुटिया बनाकर वे प्रतिदिन शिवलिंग का पूजन करते थे। कुछ वर्ष पूर्व ही मंदिर का जीर्णोद्धार एवं शिखर निर्माण नारायण स्वरूप तिवारी, सुभाष चन्द्र, घनश्यामदास गुप्ता, केके गुप्ता, आनंद वर्मा, शिवम यादव, अमित दुबे एवं अखिलेश तिवारी ने सामूहिक सहयोग से कराया है।
गांव मंछना स्थित प्राचीन सिद्धपीठ नृसिह धाम प्रमुख रूप से भगवान नृसिह का मंदिर है, यहां मंदिर में भगवान के नृसिंह अवतार की प्राचीन प्रतिमा विराजित है जो आगरा मंडल में सिर्फ मैनपुरी जिले में ही है। प्रतिदिन यहां शिवलिंग के साथ भगवान के नृसिंह अवतार का भी पूजन किया जाता है। यह आगरा मंडल का एक मात्र ऐसा मंदिर है, जहां हर सावन के माह को दूर-दूर से कविड़िए भगवान नृसिह महादेव पर जलाभिषेक करते हैं। यह मंदिर मैनपुरी नगर के भांवत चौराहे से किशनी मार्ग पर स्थित ग्राम मंछना में मंदिर स्थित है। यहां सावन के माह में विविध धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं, प्रतिवर्ष नृसिंह प्राकट्योत्सव भी धूमधाम से मनाया जाता है।